Daman
गुरुवार, 2 जुलाई 2026
फ़लसफ़ा-ए-ज़िंदगी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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फ़लसफ़ा-ए-ज़िंदगी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी संभल कर बोलना, लफ़्ज़ों का मोल होता है, हर इक ज़ख़्म का दुनिया में खुला मरहम नहीं होता। बहुत ऊँच...
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बुधवार, 1 जुलाई 2026
बुझी हुई राख © डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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बुझी हुई राख © डॉ. चंद्रकांत तिवारी ---------------------------------------------------------- "यह कविता मनुष्य के जीवन का एक गहन सत्य...
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सोमवार, 29 जून 2026
ये दौर भी बीत जाएगा ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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ये दौर भी बीत जाएगा ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी ------------------------------------- "आज का मनुष्य और विशेषकर विद्यार्थी ऐसे दौर से गुजर र...
अपनी भाषा के गीत मधुर ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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अपनी भाषा के गीत मधुर ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी अपनी भाषा के गीत किसी कंठ से नहीं, पीढ़ियों की धड़कनों से जन्म लेते हैं। उनमें माँ की उँगलियों ...
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शुक्रवार, 26 जून 2026
दो उम्र के बीच से गुजरता रास्ता ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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दो उम्र के बीच से गुजरता रास्ता ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी -------------------------------------------------------- "दो उम्र के बीच से गुजर...
गुरुवार, 25 जून 2026
मिट्टी में बचा हुआ मनुष्य ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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मिट्टी में बचा हुआ मनुष्य ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी ---------------------------------------------------- कविता "मिट्टी में बचा हुआ मनुष्य...
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बुधवार, 24 जून 2026
सूर्य से पहले की आग ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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सूर्य से पहले की आग... यह कविता बताती है कि जीवन में कोई भी प्रकाश, सफलता या सौंदर्य अचानक नहीं जन्म लेता। जैसे बीज अँधेरी मिट्टी में, मोती ...
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सोमवार, 22 जून 2026
बीज का एकांत ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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बीज का एकांत ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी -------------------------------------------------------- "बीज का एकांत" उन लोगों की कहानी है ज...
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