Daman
मंगलवार, 21 जुलाई 2026
मेघमन्थन : श्रावण का आत्मगान ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
मेघमन्थन : श्रावण का आत्मगान © डॉ. चंद्रकांत तिवारी नील नभ के नीरव उर में घन का गम्भीर निमंत्रण है, धरती के उन्मीलित लोचन में नवजीवन का स...
शुक्रवार, 17 जुलाई 2026
हरेला की टोकरी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
हरेला की टोकरी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी ------------------------------------------------------ "हरेला की टोकरी" केवल उत्तराखंड के लो...
गुरुवार, 16 जुलाई 2026
हरेला : प्रकृति पर्व, संस्कृति और नवजीवन का महापर्व 🌿 ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
हरेला : प्रकृति पर्व, संस्कृति और नवजीवन का महापर्व 🌿 ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी हरेला केवल उत्तराखंड का एक लोकपर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और मानव ...
अंतस् के रथ (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
अंतस् के रथ (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी ------------------------------------------------------ रथ केवल पुरी की सड़कों पर नहीं चलता, वह म...
1 टिप्पणी:
बुधवार, 15 जुलाई 2026
सावन, अंतस् की धारा ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
सावन, अंतस् की धारा ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी --------------------------------------------- सावन केवल आकाश से उतरती हुई वर्षा नहीं, वह मनुष्...
मंगलवार, 14 जुलाई 2026
नियति का विधान ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
नियति का विधान ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी जब चाँद बादलों में खो जाता, तब याद सुखद वह आता है, उजियारे में उसकी कीमत कौन भला बतलाता है। जब राहों...
सोमवार, 13 जुलाई 2026
पिता के जाने के बाद ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
पिता के जाने के बाद ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी कुछ रिश्ते समय के साथ समाप्त नहीं होते, वे स्मृतियों की धड़कनों में जीवित रहते हैं। पिता भी ऐसा ...
8 टिप्पणियां:
शनिवार, 11 जुलाई 2026
दो पदों के बीच ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
दो पदों के बीच (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी ------------------------------------------------------------- 'दो पदों के बीच' केवल ...
गुरुवार, 9 जुलाई 2026
शिक्षा, परीक्षा और निवेश ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
शिक्षा, परीक्षा और निवेश जब भविष्य की फसल बोने वाले खेतों में प्रश्नपत्रों की दलाली उगने लगे ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी शिक्षा भारत में शिक्षा क...
1 टिप्पणी:
बुधवार, 8 जुलाई 2026
अर्थों का निर्वासन ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
अर्थों का निर्वासन (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी जब प्यासे हों खेत, गगन में सावन के मेले क्या होंगे, सूखी धरती रोती हो तो बादल के झूले क्या...
रविवार, 5 जुलाई 2026
नवगीत - पलायन ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
नवगीत - पलायन ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी सूना आँगन, बंद किवाड़ें, चीड़ अकेला जागे। चूल्हे की ठंडी राखों में दिन के टूटे धागे। गौरैया हर भोर पुर...
4 टिप्पणियां:
फ़लसफ़ा-ए-ज़िंदगी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
फ़लसफ़ा-ए-ज़िंदगी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी ----------------------------------------------------- ज़िंदगी ने मुझे हर मोड़ पे इतना पढ़ाया, अब किस...
शुक्रवार, 3 जुलाई 2026
फ़लसफ़ा-ए-ज़िंदगी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
›
फ़लसफ़ा-ए-ज़िंदगी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी हर एक चेहरे पे मत जाना, सभी सच्चे नहीं होते, जो दरिया शोर करते हैं, वही गहरे नहीं होते। अदावत पालने...
2 टिप्पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें