Daman
शुक्रवार, 5 जून 2026
प्रकृति का मौन ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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प्रकृति का मौन ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी कहा जाता है कि प्रकृति मौन है। पर कौन जानता है कि मौन भी एक भाषा होता है— जिसकी वर्णमाला में पत्तों की...
3 टिप्पणियां:
मंगलवार, 2 जून 2026
पर्दा-ए-अदब ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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पर्दा-ए-अदब.. ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी .. इतना भी होशियार न बनिए जनाब, हम वाक़िफ़-ए-हक़ीक़त होकर भी नादान बने हैं। आपकी हर चाल, हर इशारा समझते ...
सोमवार, 1 जून 2026
श्री राम अब भी लौटते हैं..! (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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श्री राम अब भी लौटते हैं..! (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी कभी अयोध्या केवल एक नगर नहीं थी, वह मनुष्य के भीतर जलता हुआ विश्वास का पहला दीपक...
रविवार, 31 मई 2026
पंख पलायन (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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पंख पलायन (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी (प्रथम अंश) कल की चिंता करने वाले, अपना आज बनाने वाले, विस्थापन की मिट्टी में, बीज पलायन बोने वा...
शनिवार, 30 मई 2026
पहाड़ का दर्द - ( हिंदी कविता : पहाड़, शहर और बदलते समय का तुलनात्मक आख्यान)©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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पहाड़ का दर्द ..! सुनो दाज्यू और भैजी.... ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी पत्थर की छतों पर अब धूप नहीं उतरती, सीमेंट की दीवारों ने आकाश का हिस्सा खरी...
शुक्रवार, 29 मई 2026
किस्से किस्तों में... ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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तेरी बेरुख़ी ने भी क्या कमाल कर दिया, हम हँसते रहे और दिल बेहाल कर दिया। वो इश्क ही क्या जिसमें तड़प बाकी न रहे, आँखें सूख जाएँ मगर नमी बाक...
किस्से किस्तों में... ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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घर की किस्तों में उम्र यूँ ही उतरती रही, छत तो मिल गई मगर नींद किराये पर रही। रोटी की जंग में कितने रिश्ते थक गए, कुछ लोग भूखे रहे, कुछ लो...
गुरुवार, 28 मई 2026
हनुमान गीत - ®डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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हनुमान गीत ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी श्रीगुरु-चरन सरोज प्रणामी, वंदौं पवनकुमार बलधामी। रामदूत रुद्रावतारी, संकट-मोचन मंगलकारी। ज...
प्रकृति और मनुष्य का टूटता संबंध ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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प्रकृति और मनुष्य का टूटता संबंध ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी मिट्टी से मशीन तक : संवेदनाओं का सूखता संसार - मनुष्य और प्रकृति का संबंध केवल उपयोग...
बुधवार, 27 मई 2026
सीमांत पर धूप और मेघों का राग (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी ......
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सीमांत पर धूप और मेघों का राग (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी ...... धारचूला की भोर में काली नदी नीले पारदर्शी कांच-सी चमकती बहती है, और दार्च...
मंगलवार, 26 मई 2026
सीमांत के बादल ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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सीमांत के बादल (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी धारचूला की भोर में जब काली नदी नीले शंख-सी बजती है, तब सीमांत के बादल धीरे-धीरे उतरते हैं ओम...
रविवार, 24 मई 2026
हिमालय की चन्द्रवेला ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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हिमालय की चन्द्रवेला ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी नील गगन की मौन झील में पूर्णशशि जब उतर गया, हिमगिरि के शुभ्र कपोलों पर स्वर्णिम स्वप्न बिखर गया...
अनुशासन, ईमानदारी और विकास की विराट गाथा : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को विनम्र श्रद्धांजलि - ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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अनुशासन, ईमानदारी और विकास की विराट गाथा : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को विनम्र श्रद्धांजलि ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी ...
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