मंगलवार, 10 मार्च 2026

ईमानदारी, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की मिसाल : कनालीछीना थाना प्रभारी प्रवीण मेहरा और उनकी टीम ने लौटाया लैपटॉप बैग — उत्तराखंड पुलिस की कार्यनिष्ठा का प्रेरक उदाहरण

ईमानदारी, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की मिसाल : कनालीछीना थाना प्रभारी प्रवीण मेहरा और उनकी टीम ने लौटाया लैपटॉप बैग — उत्तराखंड पुलिस की कार्यनिष्ठा का प्रेरक उदाहरण

पिथौरागढ़ (उत्तराखंड) — कनालीछीना थाना का पुलिस स्टाफ: बाएं से महिला कांस्टेबल अंजू गिरी, एएसआई राजेंद्र कुमार, मध्य में थाना प्रभारी प्रवीण मेहरा, कांस्टेबल पंकज पंघरिया, होम गार्ड नेहा।

डॉ. चंद्रकांत तिवारी, हिंदी विभाग, राजकीय महाविद्यालय बलुवाकोट, धारचूला रोड, पिथौरागढ़ के साथ घटित एक घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में आज भी ईमानदारी, नैतिकता और कर्तव्यनिष्ठा जीवित है तथा उत्तराखंड पुलिस अपनी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ समाज के प्रति समर्पित भाव से कार्य कर रही है।

दिनांक 8 मार्च 2026 को हल्द्वानी से पिथौरागढ़ होते हुए बलुवाकोट (धारचूला रोड) की ओर यात्रा के दौरान कनालीछीना थाना क्षेत्र के अंतर्गत पिथौरागढ़ से कनालीछीना की ओर सतगढ़ के आसपास पांच किलोमीटर सड़क किनारे स्थित “चंदू फास्ट फूड” की दुकान पर डॉ. तिवारी का लैपटॉप बैग अनजाने में वहीं कुर्सी पर रह गया। कुछ समय तक आसपास के सुंदर प्राकृतिक दृश्यों की तस्वीरें लेने के बाद वे अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से आगे की ओर अपने गंतव्य बलुवाकोट के लिए रवाना हो गए।

जौलजीबी पहुंचने पर जब उन्होंने सनग्लासेस के स्थान पर अपना पावर वाला चश्मा पहनने के लिए बैग देखने का प्रयास किया, तभी उन्हें अचानक स्मरण हुआ कि उनका लैपटॉप बैग “चंदू फास्ट फूड” की दुकान पर ही छूट गया है। स्थिति का एहसास होते ही उन्होंने धैर्य और संयम के साथ जौलजीबी पुलिस थाना प्रभारी प्रदीप यादव, सब इंस्पेक्टर को इसकी सूचना दी।

जौलजीबी थाना प्रभारी प्रदीप यादव द्वारा तत्परता दिखाते हुए तुरंत कनालीछीना थाना प्रभारी प्रवीण मेहरा को फोन के माध्यम से सूचना दी गई। सूचना मिलते ही प्रवीण मेहरा ने अपनी टीम के साथ तत्काल सक्रियता दिखाई और मौके पर पहुंचकर “चंदू फास्ट फूड” सतगढ़ से लगभग पाँच किलोमीटर कनालीछीना की ओर स्थित स्थान से लैपटॉप बैग सुरक्षित प्राप्त कर लिया। इस त्वरित कार्रवाई ने पुलिस की सतर्कता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

इस दौरान जौलजीबी क्षेत्र के स्थानीय दुकानदारों ने भी अपने स्तर से खोजबीन और सहयोग करने का सराहनीय प्रयास किया, जो पर्वतीय समाज की सामाजिक संवेदनशीलता और पारस्परिक सहयोग की भावना को दर्शाता है।


प्रवीण मेहरा, थाना प्रभारी कनालीछीना और उनकी टीम तथा जौलजीबी पुलिस थाना प्रभारी प्रदीप यादव, सब इंस्पेक्टर द्वारा अपने दायित्व के प्रति सक्रियता, ईमानदारी और नैतिक आचरण का जो परिचय दिया गया, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। उनके इस सराहनीय कार्य से उत्तराखंड पुलिस की सकारात्मक छवि और भी मजबूत हुई है।

शाम लगभग आठ बजे के आसपास कम्मू कुंवर, धारचूला के टैक्सी चालक के माध्यम से प्रवीण मेहरा, थाना प्रभारी कनालीछीना द्वारा भेजा गया लैपटॉप बैग सुरक्षित रूप से डॉ. चंद्रकांत तिवारी को उनके निवास स्थान पर प्राप्त हो गया। 


आज के दौर में जब तेजी से बढ़ते नगरीकरण और वैश्विक समाज में चोरी, अपराध और अविश्वास की घटनाएँ आम होती जा रही हैं, ऐसे समय में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ईमानदारी और नैतिकता का यह उदाहरण वास्तव में प्रेरणादायक है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड का पहाड़ी समाज अपनी सादगी, नैतिक मूल्यों और विश्वास की परंपरा को आज भी संजोए हुए है, तथा पुलिस प्रशासन और उत्तराखंड सरकार के अंतर्गत कार्यरत पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।

उत्तराखंड वासियों को ऐसे कर्मठ, सजग और ईमानदार पुलिसकर्मियों पर गर्व है। यह मित्रता और सेवा की सच्ची मिशाल है।

जय हिन्द - जय उत्तराखंड।

डॉ. चंद्रकांत तिवारी