Daman
शुक्रवार, 19 जून 2026
अकथ कहानी प्रेम की ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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अकथ प्रेम का अनंत लोक : जहाँ शब्द समाप्त होते हैं और मानवता जन्म लेती है --------------------------------------------- “अकथ कहानी प्रेम की, ...
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बुधवार, 17 जून 2026
अपने-अपने राम : लोकविश्वास से आत्मसाक्षात्कार तक ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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अपने-अपने राम : लोकविश्वास से आत्मसाक्षात्कार तक ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी ---------------------------- मन-मंदिर में दीप जले, हर श्वास बने श्री...
मंगलवार, 16 जून 2026
प्रभु श्रीराम और भक्त-हृदय हनुमान : आधुनिक युग में आदर्श, आस्था और आत्मिक संबंध की प्रासंगिकता ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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प्रभु श्रीराम और भक्त-हृदय हनुमान : आधुनिक युग में आदर्श, आस्था और आत्मिक संबंध की प्रासंगिकता ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी श्रीराम और हनुमान : के...
शुक्रवार, 12 जून 2026
समय-सरिता के उस पार ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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समय-सरिता के उस पार ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी भीड़ में बहुत लोग मिल जाते हैं, सब अपने नहीं होते, हर उजले दर्पण के भीतर, सत्य के चेहरे नहीं होते...
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सोमवार, 8 जून 2026
ईश्वर के करघे पर बुना हुआ आदमी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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ईश्वर के करघे पर बुना हुआ आदमी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी जीवन कच्चे धागे-सा, सूत बुनाई ईश्वर ही साथ जब तक मन सच्चा रहता, तब तक उसका अटल हाथ काल...
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रविवार, 7 जून 2026
पार्थ-सारथी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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पार्थ-सारथी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी कुरुक्षेत्र की धूल में डूबा था दिवस उदास, शंखों की गर्जन में काँप रहा था आकाश। रथ के अग्रभाग में बैठे थे ...
शुक्रवार, 5 जून 2026
धूप के हिस्से का आदमी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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धूप के हिस्से का आदमी ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी हर अच्छे कर्म के बाद मुझे अपराधबोध-सा लगता था, हिमालय अपना जल देकर प्यासा पथराया-सा जगता था। जि...
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प्रकृति का मौन ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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प्रकृति का मौन ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी कहा जाता है कि प्रकृति मौन है। पर कौन जानता है कि मौन भी एक भाषा होती है— जिसकी वर्णमाला में पत्तों की...
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मंगलवार, 2 जून 2026
पर्दा-ए-अदब ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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पर्दा-ए-अदब.. ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी .. इतना भी होशियार न बनिए जनाब, हम वाक़िफ़-ए-हक़ीक़त होकर भी नादान बने हैं। आपकी हर चाल, हर इशारा समझते ...
सोमवार, 1 जून 2026
श्री राम अब भी लौटते हैं..! (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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श्री राम अब भी लौटते हैं..! (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी कभी अयोध्या केवल एक नगर नहीं थी, वह मनुष्य के भीतर जलता हुआ विश्वास का पहला दीपक...
रविवार, 31 मई 2026
पंख पलायन (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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पंख पलायन (कविता) ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी (प्रथम अंश) कल की चिंता करने वाले, अपना आज बनाने वाले, विस्थापन की मिट्टी में, बीज पलायन बोने वा...
शनिवार, 30 मई 2026
पहाड़ का दर्द - ( हिंदी कविता : पहाड़, शहर और बदलते समय का तुलनात्मक आख्यान)©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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पहाड़ का दर्द ..! सुनो दाज्यू और भैजी.... ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी पत्थर की छतों पर अब धूप नहीं उतरती, सीमेंट की दीवारों ने आकाश का हिस्सा खरी...
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शुक्रवार, 29 मई 2026
किस्से किस्तों में... ©डॉ. चंद्रकांत तिवारी
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तेरी बेरुख़ी ने भी क्या कमाल कर दिया, हम हँसते रहे और दिल बेहाल कर दिया। वो इश्क ही क्या जिसमें तड़प बाकी न रहे, आँखें सूख जाएँ मगर नमी बाक...
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